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Latest Stories

“कांग्रेस ने दिल्ली पर कई साल शासन किया, लेकिन शिक्षा के लिए कुछ नहीं किया !”

  बेंगलुरु: 2018 में, दिल्ली के सरकारी स्कूल के 90.6 फीसदी छात्रों ने 12 वीं कक्षा पास की । यह दर निजी स्कूलों की तुलना में दो प्रतिशत अंक ज्यादा है और पिछले वर्ष की तुलना में कई प्रतिशत ज्यादा और माध्यमिक शिक्षा के केंद्रीय बोर्ड की तुलना में अधिक है।   V‘आम आदमी पार्टी’ … Continued

सुधारात्मक शिक्षा से भारत में सीखने का संकट हो सकता है खत्म

    उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक  सुधारात्मक शिक्षा कक्षा में अपने दोस्तों के साथ बैठे भागचंद (तस्वीर के उत्तर छोर पर)  रंगीन कागज की पट्टियों पर लिके वाक्यों को पढ़ रहा है। वर्ल्ड विजन इंडिया नामक एनजीओं द्वारा स्कूल के बाद  सुधारात्मक शिक्षा कार्यक्रम शुरु करने के एक साल बाद अब अधिक संख्या … Continued

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पदों का एक तिहाई खाली

  मुंबई: भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इस देश में दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी उम्र वाली आबादी रहती है ।लगभग 861 मिलियन लोगों की आयु 15 और 64 वर्ष के बीच हैं। ये आंकड़े इस बात पर जोर देते हैं कि भारत के भविष्य के विकास के लिए … Continued

समृद्ध राज्य भी छात्रों को बुनियादी साक्षरता से अधिक देने में नाकाम

  मुंबई और बेंगलुरु ( 410 बिलियन डॉलर के संयुक्त जीडीपी के साथ भारत के सबसे धनी दो शहर, नॉर्वे से भी बड़ा ) के छात्र, ग्रामीण इलाकों में अपने समकक्षों से भी बदतर स्कोर करते हुए गणित और भाषा जैसे मुख्य क्षेत्रों में पीछे हो रहे हैं, जैसा कि देशव्यापी स्तर पर कराए गए … Continued

कमजोर भावनात्मक रुख और कम अभिभावकीय आकांक्षाएं हो तो बच्चे छोड़ देते हैं पढ़ाई

Photo credit: Heatheronhertravels.com   नई दिल्ली: माध्यमिक विद्यालय, विशेष रुप से वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के स्कूल छोड़ने का मुख्य कारण कमजोर भावनात्मक रुख और उनके माता-पिता की शिक्षा और व्यवसाय के लिए कम आकांक्षाएं हैं। यह निष्कर्ष आंध्र प्रदेश में 12 से 1 9 वर्ष के बीच 834 बच्चों पर किए गए एक अध्ययन … Continued